बदल दो माहौल ...
शुभ प्रभात मित्रों ...!
मित्रों अक्सर मैं लोगों को अपने बच्चों से इस तरह बात करते सुनता हूँ ...तुम्हें ये नहीं करना चाहिए... तुम वो नहीं कर पाओगे... ये तो तुम्हारे लिए असम्भव है... उफ्फ...! कितना डरा देते हैं हम अपने बच्चों को...! क्या आपने सोचा है कि आप अपने बच्चों को सीमाओं में बांध रहे हैं...! बिल्कुल सही सुना आपने...| You are stretching the boundaries for your children. तो मित्रों... आपको बदलाव की जरुरत है... जी हाँ...! मैं Positive बदलाव की बात कर रहा हूँ...!
आपके बच्चे के आस पास का जो बातावरण है ... वो आपके बच्चे का भविष्य तय करता है...। आपने टार्जन की कहानी तो जरूर सुनी होगी ... Yes वो भयानक से भयानक जानवरों से यूँ ही भिड़ जाता था... क्योंकि उसने असम्भव शब्द सुना ही नहीं था कभी...। तो अभी से अपने घर के माहौल को Change कर लीजिये ... Negative Thinking को अपने बच्चों के आस पास भी मत फटकने दीजिये ...। अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे Life में सफलता की ऊँचाइयों को छूते चले जाएँ ... तो आपको उन्हें सफल होने के लिए तैयार करना होगा ...। बदल डालिये माहौल को...। अगर आपने अपने बच्चों के Mind से Negativity निकाल कर फैंक दी... तो समझिये आपने दुनियाँ जीत ली...।
मित्रों ... मैंने अक्सर देखा है कि माँ बाप अपने ही बच्चों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। उन्हें अपने बच्चों की क्षमताओं पर यकीन ही नहीं होता...। मजे की बात तो ये है कि इस सब के लिए वो बच्चों को ही जिम्मेदार मानते हैं...। मैं मानता हूँ कि वर्तमान स्थिति के लिए वो जिम्मेदार हो सकते हैं... लेकिन उन्हें इस माहौल में ढालने का... उनके मस्तिष्क में वो बिचार डालने का जिम्मेदार कौन है...? सही पहचाना आपने ... कोई भी बच्चा जन्म से अपने साथ वो परिस्थितियाँ... वो माहौल लेकर पैदा नहीं होता...। सारा कुछ आपके घर के वातावरण... आपके आस - पास के माहौल से ही सीखता है वो...। तो क्यों न उसे एक ऐसा माहौल दिया जाये... जिसमें ढलकर वो आपकी आशाओं पर खरा उतरे...! अरे एक बार प्रयास तो करके देखिये... और फिर देखिये चमत्कार...।
मित्रों कुछ लोग तुरन्त परिणाम चाहते हैं...। जो कि असम्भव है...। जिन्दगी में अचानक से कुछ नहीं होता...। इसके लिए निरन्तर प्रयास करने पड़ते हैं...। धीरे - धीरे और लगातार बदलाव आपको और आपके बच्चों को एक नई दिशा प्रदान करेंगे । तो इन्तजार किस बात का...! जाइये और काम पर लग जाइये।
मित्रों कुछ लोग तुरन्त परिणाम चाहते हैं...। जो कि असम्भव है...। जिन्दगी में अचानक से कुछ नहीं होता...। इसके लिए निरन्तर प्रयास करने पड़ते हैं...। धीरे - धीरे और लगातार बदलाव आपको और आपके बच्चों को एक नई दिशा प्रदान करेंगे । तो इन्तजार किस बात का...! जाइये और काम पर लग जाइये।
~ मनोज कुमार "मंजू"
Comments
Post a Comment